प्रतिक्रमण क्या है? पश्चाताप और आत्म-निरीक्षण की जैन विधि
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जैन श्रावकाचार पर आधारित
प्रतिक्रमण जैन धर्म में एक प्रमुख आध्यात्मिक अभ्यास है जिसमें अपने पिछले कार्यों को देखना, गलतियों (पापों) को स्वीकार करना और आत्मा की शुद्धि के लिए पश्चाताप करना शामिल है।
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Frequently Asked Questions
प्रतिक्रमण क्यों किया जाता है?
यह आत्मा की 'आध्यात्मिक सफाई' है, जो कर्म के बंधनों को कम करने में मदद करती है।
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