जैन उपवास के नियम: उपवास, आयंबिल और चौविहार
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जैन तपस्या नियमों पर आधारित
जैन धर्म में उपवास (तपस्या) एक अत्यंत आदरणीय आध्यात्मिक प्रथा है। यह केवल शरीर को भोजन से वंचित करने के बारे में नहीं है, बल्कि इच्छाओं, आसक्तियों पर काबू पाने और पिछले कर्मों (निर्जरा) को दूर करने के लिए मन को प्रशिक्षित करने के बारे में है।
जैन उपवास के प्रकार
- उपवास: 24 घंटे के लिए पूर्ण उपवास। केवल उबला हुआ पानी पीने की अनुमति है।
- चौविहार उपवास: जिसमें पानी भी नहीं पिया जाता।
- एकासना: दिन में केवल एक ही बार भोजन करना।
- आयंबिल: तेल, घी, नमक, चीनी या हरी सब्जियों के बिना भोजन करना।
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Frequently Asked Questions
आयंबिल का क्या महत्व है?
आयंबिल स्वाद पर विजय प्राप्त करने की कठोर तपस्या है, जो पाचन तंत्र के लिए भी बहुत फायदेमंद है।
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