जैन धर्म में मोक्ष क्या है? अंतिम मुक्ति
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जैन आध्यात्मिक ग्रंथों पर आधारित
जैन धर्म में, मोक्ष प्रत्येक जीवित प्राणी का अंतिम लक्ष्य है। यह जन्म, मृत्यु और पुनर्जन्म (संसार) के चक्र से पूर्ण और अंतिम मुक्ति की स्थिति है।
मुक्त आत्मा (सिद्ध) की स्थिति
जब कोई आत्मा अपने सभी 8 प्रकार के कर्मों को पूरी तरह से नष्ट कर देती है, तो वह 'सिद्ध' बन जाती है। सिद्ध आत्मा ब्रह्मांड के सर्वोच्च बिंदु पर जाती है, जिसे सिद्ध लोक कहा जाता है, और शुद्ध, अनंत आनंद, अनंत ज्ञान (केवल ज्ञान) की स्थिति में हमेशा के लिए वहां निवास करती है।
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Frequently Asked Questions
मोक्ष कैसे प्राप्त किया जाता है?
सम्यक् दर्शन, सम्यक् ज्ञान और सम्यक् चारित्र का पालन करके मोक्ष प्राप्त किया जा सकता है।
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