पर्युषण क्या है? क्षमा का सबसे महत्वपूर्ण जैन त्योहार
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जैन आगमों और परंपरा पर आधारित
पर्युषण जैनों के लिए वर्ष का सबसे महत्वपूर्ण पवित्र अवसर है। 8 से 10 दिनों तक चलने वाली यह अवधि गहन आध्यात्मिक आत्म-चिंतन, आत्म-शुद्धि और सभी जीवित प्राणियों से क्षमा मांगने का समय है।
पर्युषण का अर्थ
'पर्युषण' का अर्थ है 'आत्मा के समीप रहना'। यह सांसारिक गतिविधियों को रोकने और पूरी तरह से आंतरिक विकास और कर्मों को झाड़ने पर केंद्रित करने का समय है।
पर्युषण के दौरान मुख्य विधियां
- उपवास (अट्ठाई, एकाशन): आहार नियंत्रण के माध्यम से शरीर और आत्मा की शुद्धि।
- शास्त्र वाचन: कल्प सूत्र या तत्वार्थ सूत्र का श्रवण।
- प्रतिक्रमण: अपनी गलतियों को देखने और पश्चाताप करने की विधि।
- मिच्छामी दुक्कड़म: अंतिम दिन, संवत्सरी पर क्षमा मांगना।
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Frequently Asked Questions
पर्युषण कब मनाया जाता है?
यह आम तौर पर भाद्रपद मास (अगस्त-सितंबर) में मनाया जाता है।
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